प्रशंसा की ज्यादातर वस्तुयें
उदासी पर आधारित होती हैं
यह साहित्य, कला और संगीत के रूपों में
सहज दिख जाता है,
क्या यह कहना चाहिये
कि सुंदरता और सहानुभूति
एक दूसरे से जुड़े हुये हैं
या इसे किसी दौर-विशेष का चलन कहकर
नकार देना चाहिये,
सत्य हमेशा सुन्दर नहीं होता
सुंदरता हमेशा शिव नहीं होती
सुंदरता उदास करती है
तो सत्य हो भी जाये
शिव नहीं हो सकती।

और क्या यह कहा जा सकता है
कि सुंदरता का देवता
उदासी का भी देवता रहा होगा?


One Comment

  1. The two numbers used are the complete house/flush payouts in video games with out wild playing cards. For 사설토토 Deuces Wild, it's for five of a kind/straight flush. If you are a low curler, you need to} choose video poker video games with decrease variance. They would theoretically assure you fixed small wins with occasional losses.

    ReplyDelete