yayawar । यायावर
शाश्वत सत्य की खोज में ...
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Nov 29, 2017
जितना है
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जितना लड़ना है इसलिये कि कोई कारण लड़ने योग्य है उतना तो लड़ना है ही उससे थोड़ा ज़्यादा इसलिये लड़ना है कि अहम् की संतुष्टि हो। जितना ...
Nov 25, 2017
समुद्र तट पर
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1. समुद्री लहर का एक टुकड़ा तट से कुछ दूर नाचता था एक ऐसी धुन में जिसे तट पर अकेले बैठकर ही सुना जा सकता था और गिरता उठता था अपनी ही जग...
Nov 21, 2017
हाई होप्स
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हड्डियों का ढाँचा मात्र रह गया एक मनुष्य ढोता है अपनी पीठ पर अपने से कई गुना ज़्यादा बड़ी एक घण्टी जिसमें समय आता है तो होती है कोई ध्वन...
Nov 17, 2017
कसीनी
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1. आज कसीनी ने अंतिम सिग्नल दिये हैं और फिर विलीन हो गया है शनि ग्रह के वातावरण में पर उससे पहले दे गया है पृथ्वी ग्रह की एक दुर्लभ तस्...
Nov 13, 2017
यक्ष प्रश्न - 2
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यक्ष ऊवाच - धर्मराज! इन पक्षियों को देखो इनको देखकर समझा नहीं जा सकता है कि इनका अस्तित्व में होना होना है या हो जाना है पक्षियों ने ...
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