yayawar । यायावर
शाश्वत सत्य की खोज में ...
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Apr 29, 2017
हम्पी - 10 / अंतिम
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एक दिन जो ये टीले हैं इनके पत्थर चूर होकर रेत के कणों में बदल जायेंगे और किसी आँधी में दूर कहीं उड़ जायेंगे ये नदियों का बचा-खुचा पानी ...
Apr 26, 2017
मिसाल
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अबकी बार जब आओगे तुम कुछ नयी मिसालें लेकर आना, पिछली बार तुम जिन मिसालों को लेकर आये थे उन्हें आज़माकर देखा है मैंने, कॉफी की चुस्कियों क...
Apr 21, 2017
पागल
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कल: वो बेचैनियों के उस दौर में था जहाँ खालीपन उपासना की चीज थी अकेलेपन के सान्निध्य में न जाने कौन-कौन से विचारों की यात्रायें होती थीं...
Apr 14, 2017
दो छोर
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जिन्दगी के दो छोर हैं, पहला, जहाँ आत्म को एक रूप मिलता है ब्रह्म से कुछ अलग और जन्म लेती हैं सम्भावनायें निराकार से साकार निकलता है बि...
Apr 7, 2017
स्पीति - 4 / देखना और दिखना
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देखना और दिखना, क्या एक ही बात होती है? यूँ ही नहीं मान लेना चाहिये कि मैं और तुम किसी बात पर सहमत हैं बिम्ब तुम्हारे हैं और मानी मेरे...
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