yayawar । यायावर
शाश्वत सत्य की खोज में ...
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Feb 16, 2017
अमलतास के फूल
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बालकनी के नीचे खिला हुआ अमलतास के फूलों के आखिरी गुच्छा कभी आखिरी राही के चले जाने के बाद धुल छँट जाने के बाद अपने होने या न होने ...
Feb 15, 2017
स्पीति - 3 / मानी
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ये निर्मल शीतल जल ये छोटे पत्थरों के ऊपर छोटी लहरियाँ घाटी में सूरज को देखने के बस कुछ चुनिन्दा पहर और हर चीज के अस्तित्व को उद्देश्य ...
Feb 10, 2017
हम्पी - 4 / नित्य
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गन्ने के खेतों के पीछे पहाड़ी की चोटी पर लाल रंग का एक गोला धीरे-धीरे गिर रहा है, बादलों के किनारे पर दिखती हैं चमकीली धारियाँ जहाँ से...
Feb 3, 2017
हम्पी - 3 / पराजित कौन
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भयानक सन्नाटा पसरा हुआ था ऐसा सन्नाटा जिसमें ध्वनि को किसी कोने में बैठा हुआ देखा जा सकता था, देखते ही देखते सन्नाटे में खो गये वर्तमा...
Feb 2, 2017
ये बातें
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मेरे इख़्तियार में नहीं हैं मेरी ईज़ाद की हुई बातें थम गया हूँ मैं, बह रही हैं बनकर बयार ये बातें। कभी वक़्त का रुख मोड़ देने का माद्दा रखती...
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