yayawar । यायावर
शाश्वत सत्य की खोज में ...
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Apr 30, 2016
आवारा - 1
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एक महानुभाव से बात करते करते बातचीत कुछ गलत दिशा में चली गई वे कहने लगे कि कुछ लोग सदियों से चली आ रही परम्पराओं को मानते ही नहीं हर ...
Apr 8, 2016
पुस्तक समीक्षा : धर्मवीर भारती द्वारा रचित 'अंधा युग'
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धर्मवीर भारती की लिखी रचना की समीक्षा करने का भी एक अपना ही आनंद होता है। गुनाहों का देवता और सूरज का सातवाँ घोड़ा के बाद उनकी यह तीसरी ...
Mar 30, 2016
गेहूँ की बाली
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फागुन के किसी एक दिन खेत में खड़ी अनगिनत गेहूँ की बालियों में से गेहूँ की एक बाली अपनी सृजन क्षमता को जान बैठी उसने जाना कि वह एक सर्जक...
2 comments:
Mar 5, 2016
पुस्तक समीक्षा : गुलज़ार द्वारा रचित 'पुखराज'
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बहुत वर्ष पहले विविध भारती के एक कार्यक्रम में प्रस्तोता ने गुलज़ार की तारीफ करते हुए उनके बारे में कहा था कि गुलज़ार की कविताओं में बहुत सा...
Feb 9, 2016
कुछ बात करते हैं
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रोज़मर्रा की बातों से अलग कुछ बात करते हैं चलो आज बिना बात ही कुछ बात करते हैं। क़िताबों के बीच वो अब भी महक उठता है सूखा फूल जिससे कभी ...
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